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Thursday, August 22, 2013

शहर में नया मॉल आया है, गाड़ी निकालो! (भाग - II)

(भाग - II)


करमबीर, तन्वी, गोलू और खुशबू योद्धाओं की तरह 'बिग बी' यानी 'बिग बाज़ार' तीर्थ की और बढ़ते हैं। तन्वी जी के दिमाग में ख़रीदारी की लिस्ट लगातार अपडेट हो रही है और साथ-साथ डिस्काउंट की अपेक्षा भी। पिछली दफ़े, कोक और सेनेटरी पैड्स पर वन-फॉर-वन था, रिफाइंड पर पाँच लीटर पर एक लीटर फ्री, चीनी पर भी पाँच किलो पर एक फ्री और वाशिंग पाउडर के साथ बाल्टी फ्री। आज क्या मिलेगा, तन्वी ये सोच ही रही थी की उसका दिल धक् से रह गया। पड़ोस की मिसेस यादव सामान से लद्दी ट्राली लिए उन्हें चेकआउट लाइन से वेव कर रहीं थी। एक बार तो मन किया की पूछ आये की क्या क्या बेस्ट ऑफर्स हैं लेकिन स्वाभिमान ने उन्हें रोका और दूर से ही वेव कर दिया।


ग़ज़ब की भीड़, जैसे एकादशी के भंडारे में मज़दूर और रिक्शे वाले आलू-पूरी के लिए भसड़  मचाते हैं। लदी ट्रालीयाँ के अन्दर थके बच्चे सामान की तरह पड़े हुए। सब तरफ सामान, बैनर्स और डिस्काउंट बताते लेबल। लेकिन तन्वी जी एक प्रो की तरह सबसे पहले वहीँ गयीं जहाँ सर्वाधिक मारकाट मची हुए थी: 'करियाना' सेक्शन में। चावल पे वन-फॉर-वन की ज़बरदस्त ऑफर थी और रिफाइंड-चीनी-चावल पर कॉम्बो डील।  शेरां वाली का नाम लेकर उन्होंने करमबीर को एक कॉम्बो लोड करने को कहा। अच्छी शुरुआत, जैसे डिंडा की पहली बॉल पर चौका जड़ दिया हो।

करियाने में उत्पात मचाने के उपरान्त अहुजास बरास्ता वाशिंग पाउडर सब्जी सेक्शन में पहुंचे। प्याज़ 50 रूपये किलो देखते ही तन्वी को चक्कर सा आ गया।  कहाँ 80 ले रहीं थीं इतने दिनों से और यहाँ? सेल्समेन ने तन्वी जी को पांच किलो-पर-बिल की लिमिट पर ही रोक दिया। लघु निराशा।

करियाने, टाइड, सब्जियों, हार्पिक (फ्री टॉयलेट ब्रश के साथ), बाबाजी के रस, प्रिया गोल्ड के होलसेल पैक और गोलू और खुशबु के आइटम्स से लद्दी ट्राली अब सम्मानजनक स्थिति में आ चुकी थी। तन्वी का मन किया की ट्राली समेत जा कर देखे की मिसेस यादव क्या अभी भी चेकआउट लाइन में हैं या नहीं। बड़ी आई।



ECG रिपोर्ट जितना लम्बा बिल देख कर करमबीर का दिल बैठ गया लेकिन तन्वी, गोलू और खुशबु के चेहरे पर विजयी तेज देख कर संभल गए। कुल मिलाकर 3494 का बिल और आपकी बचत 270 रूपये। करमबीर ने 20-20 रूपये वाले जूट बैग के लिया मना कर दिया वरना 'आपकी बचत' 190 रह जाती। अगला पड़ाव फ़ूड कोर्ट था, गोलू और खुशबु के मॉल आने का मुख्य कारण। करमबीर ने सुझाव दिया की पहले सामान कार में रख आते हैं ताकि ट्राली के झंझट से मुक्ति मिले लेकिन तन्वी ने उन्हें "तुम कब सुधरोगे" वाली लुक दी और धीरे से समझाया की फ़ूड कोर्ट में कहीं मिसेस यादव मिल गयीं तो?

*क्रमश*      

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